WE SHALL FIND OUT
धुआं-धुआं आकाश हुआ क्यों ? पता लगाएंगे
धरती रेगिस्तान बनी क्यों? पता लगाएंगे
गंगा जल गन्दा किस कारण ? पता लगाएंगे
ढूंढो, कहाँ छुपे हैं रावण? पता लगाएंगे
पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, नज़र दौड़ाएंगे
एटम के अन्दर झांकेंगे, अक्ल लड़ाएँगे
सूरज-मंडल में राहों का, जाल बिछाएंगे
अर्थ, मून और मार्स मरकरी, आएं जाएंगे
परबत, नदियाँ, जंगल, झीलें सहज बचाएंगे
सब पेड़ों की, सब पौधों की, जड़ें जमाएंगे
हर प्राणी की रक्षा होगी, शिक्षा पाएंगे
तितली, चिड़िया बिल्ली, बन्दर, शेर बचाएंगे
झर-झर झरने निर्मल जल के, घर घर लाएंगे
सर-सर झौंके शुद्ध हवा के, पास बुलाएंगे
जादू, टोने, भूत, प्रेत, सब, दूर भगाएंगे
सांइस अपना मन्तर होगा, साफ बताएँगे
हर ज़ालम, हर रावण की हम, लंका ढाएंगे
नहीं चलेगी तानाशाही, बिगुल बजाएंगे
मातु-पिता-गुरु, सब पुरखों को शीश झुकाएँगे
सांइस वाले दावर जी को नहीं भुलाएंगे.
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बलदेव राज दावर
०५.०१.२०१२


1 Comments:
Awesome...I commend your creative and logical insight...thnx for sharing.
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