Monday, December 26, 2011

We Shall Find Out

पता लगाएंगे


धुआं-धुआं आकाश हुआ क्यों ? पता लगाएंगे.

धरती रेगिस्तान बनी क्यों? पता लगाएंगे

गंगा जल गन्दा किस कारण ? पता लगाएंगे

ढूंढो, कहाँ छुपे हैं रावण? पता लगाएंगे



पूरब, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, नज़र दौड़ाएंगे

एटम के अन्दर झांकेंगे, अक्ल लड़ाएँगे



सूरज-मंडल में राहों का, जाल बिछाएंगे

अर्थ, मून और मार्स, मरकरी, आएं जाएंगे



परबत, जंगल, झीलें, नदियाँ, सहज बचाएंगे

हर प्राणी की रक्षा होगी, बिगुल बजाएंगे



तितली, चिड़िया बिल्ली, बन्दर, शेर बचाएंगे

सब पेड़ों की, सब पौधों की, जड़ें जमाएंगे



झर-झर झरने निर्मल जल के, प्यास बुझाएंगे

सर-सर झौंके शुद्ध हवा के, फूल खिलाएंगे



जादू, टोने, भूत, प्रेत, सब, दूर भगाएंगे

सांइस अपना साधन होगा, यह समुझाएंगे



हर ज़ालम, हर रावण की हम, लंका ढाएंगे

नहीं चलेगी तानाशाही, साफ बताएंगे



मातु-पिता-गुरु, सब पुरखों को, शीश झुकाएँगे

सांइस वाले दावर जी को, नहीं भुलाएंगे.

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बलदेव राज दावर

२०.१२.२०११

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