Let Us go to Mars and settle there
आबादी इतनी बढ़ गई है/ यह दुनिया छोटी पड़ गई है/
चल मंगल पे बस जाएं हम/ इक दुनिया नई बसाएँ हम//
यहाँ भीड़-भड़का भारी है/ धक्के पर धक्का जारी है/
यहाँ गिर कर उठना मुश्किल है/ पैरों को कहां जमाएँ हम//
कम रोटी है, कम पानी है/ आपस में खींचा-तानी है/
सब लड़ते और झगड़ते हैं/ रूठे किस भान्त मनाएं हम//
है मंगल खाली पड़ा हुआ/ अरबों सालों से बिना छुआ/
अनगिनत खेत-मैदान वहां/ कोई सीडी चलो लगाएं हम//
कहते हैं इक मुनि नारद थे/ वे ग्रह-नक्षत्र विशारद थे/
मंगल भी जाया करते थे/ कुछ उनसे पता लगाएं हम//
नारद की कथा पुरानी है/ शायद वह सिर्फ कहानी है/
उस की भी खोज करें लेकिन/ अपनी भी अक्ल लड़ाएं हम//
आओ इक लम्बा तख्ता लें/ उसे चंदा के ऊपर धर दें/
लम्बा हिस्सा धरती की तरफ/ छोटा उस पार जमाएं हम//
जाने वाला उस पार रहे/ झटके के लिए तैयार रहे/
इस तरफ भीड़ का भार रहे/ जिसे इक-दम धाड़ गिराएं हम//
जाने वाला उड़ जाएगा/ मंगल पर पहुंचा पाएगा/
इक-इक कर के, दो-दो कर के/ लाखों को वहां पहुचाएं हम//
जो मंगल पर बस जाएँगे/ हीरो हीरो कहलाएँगे/
और बाकी जो रह जाएँगे/ भर पूरा राशन पाएं हम//
- बलदेव राज दावर

